बर्थडे स्पेशल: 3500 से अधिक गीतों को लिखने वाले आनंद बक्शी बनना चाहते थे गायक

गायक बनने की चाह ले गीतकार बने आनंद बक्शी के जीवन से जुडी ये खास बातें

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बॉलीवुड को अपने शब्द देकर इसे रंगीन बनाने वाले थे आनंद बक्शी

बॉलीवुड को अपने शब्द देकर इसे रंगीन बनाने वाले थे आनंद बक्शी

वैसे तो आनंद बक्शी बॉलीवुड में एक गायक बनने की चाह लेकर आये थे लेकिन एक गीतकार के रूप में वो इतने सफल हो गए की इसे ही उन्होंने अपना प्रमुख पेशा बना दिया| फिल्मों में उन्हें एक बृज मोहन की फिल्म “भला आदमी (1 9 58)” में पहली बार गीत लिखने का अवसर मिला| उन्होंने इस फिल्म में 4 गाने लिखे| इस फिल्म में उनका पहला गाना “धरती के लाल, ना कर इतना मलाल” था, जो 9 नवंबर 1 9 65 को रिकॉर्ड किया गया था| ऑल इंडिया रेडियो साक्षात्कार में उन्होंने इसे अपनी आवाज़ में भी गाया था|

हालाँकि कुछ गाने लिखने के बाद 1 9 62 में मेहन्दी लगी मेरे हाथ नाम के गाने से उन्हें सफलता मिली| बाद में बक्शी ने 1 9 62 की फ़िल्म काला समंदर के लिए एक कव्वाली लिखी| जिसके बोल थे “मेरी तस्वीर लेकर क्या करोगे तुम’, ये गाना लोगों के जबान पर चढ़ गया था| लेकिन 1 9 65 में आई फिल्म हिमालय की गोद में लिखे गाने ने उन्हें संगीत की दुनिया में टॉप पर पहुंचा दिया| यह उनकी वास्तविक बड़ी सफलता थी| और फिर ये सफ़र शुरू हुआ तो 1 9 65 में सुपर हिट फिल्म जब जब फूल खिले में शशि कपूर अभिनय के साथ उन्हें भी सफलता मिली और फिर 1 9 67 में सुपर हिट फिल्म मिलन (सुनील दत्त अभिनीत) के साथ उन्होंने एक गीतकार के रूप में अपने आप को स्थायी कर लिया| आनंद बक्शी ने अपने करियर में 3500 से अधिक गीतों और 638 फिल्मों के गीतकार के रूप में काम किया|

लेकिन मन तो गायक का ही था| आखिरकार उन्हें मोहन कुमार की मोम की गुड़िया (1 9 72) में एक गायक के तौर पर अपना पहला ब्रेक मिला। उन्होंने जो पहला गीत गाया था, वह एक युगल गीत था “बाघों में बहार आयी होठो पे पुकार आयी”, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल द्वारा रचित संगीत के लिए लता मंगेशकर के साथ उन्होंने इस गाने को अपनी आवाज़ दी थी| इसके अलावा उन्होंने इसी फिल्म में सोलो गीत मैं ढूंढ रहा भी गाया|

ये हैं आनंद बक्शी से जुडी कुछ अनजानी बातें-

1.आनंद बक्शी लोकप्रिय बॉलिवुड गायकों कुमार सानू, कविता कृष्णामूर्ति, उदित नारायण और शैलेंद्र सिंह के पहले गाने को लिखने वाले गीतकार थे|

2.आनंद बक्शी ज्यादातर ऐसे संगीतकारों के साथ काम करते थे, जो कि लोकप्रिय संगीतकारों के बेटे थे| सबसे लोकप्रिय जोड़े एस डी और आर डी बर्मन इसके अलावा राकेश रोशन और राजेश रोशन हैं। इसके अलावा, आनंद बक्शी ने पिता-पुत्र की जोडी फिल्म निर्देशक यश चोपड़ा और आदित्य चोपड़ा और मनमोहन देसाई और केतन देसाई के साथ भी काम किया।

3.आनंद बक्शी की लोकप्रियता ऐसी थी कि, राजेश खन्ना, धर्मेंद्र, जितेन्द्र, शशि कपूर, सुनील दत्त, अमिताभ बच्चन और सनी देओल, अजय देवगन और शाहरुख खान ने उन्हें अपने पहले प्रोडक्शन गीतकार के रूप में चुना।

4.आनंद बक्शी ने ऋषि कपूर, सनी देओल, जैकी श्रॉफ, अमृता सिंह, शाहरुख खान और अक्षय कुमार जैसे कई बॉलीवुड अभिनेताओं की पहली फिल्मों के लिए गीत लिखे हैं।

5.आनंद बक्शी के गीतों का इस्तेमाल और बॉलीवुड और हॉलीवुड में पुन: उपयोग किया गया है। उदाहरण के लिए, ‘आज मौसम बडा बेइमान है’ का गीत मिरा नायर द्वारा 2001 की हॉलीवुड फिल्म ‘मॉनसून वेडिंग’ के लिए इस्तेमाल किया गया था। इसी तरह, बॉलीवुड हिट ‘चोली के पीछे क्या है’ का 2009 में रिलीज़ ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ में इस्तेमाल किया गया था।

 

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